परीक्षा विवाद पर अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी

नई दिल्ली: देश में परीक्षा व्यवस्था को लेकर जारी विवादों के बीच अब सियासी हलचल तेज होती दिख रही है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि परीक्षा प्रणाली से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए और इसी मुद्दे पर वह शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर उतरेंगे।

सोशल मीडिया के जरिए छात्रों से जुड़ने की अपील

अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर छात्रों और समर्थकों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। उनका कहना है कि लोगों को संविधान के दायरे में रहकर अपनी आवाज सरकार तक पहुंचानी चाहिए और किसी भी तरह की हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए।

कई परीक्षाओं पर उठाए सवाल, छात्रों की चिंता का दावा

अपने बयान में अभिजीत दिपके ने कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हाल के समय में लगातार विवादों ने छात्रों की चिंता बढ़ाई है। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज

दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या लापरवाही के आरोप सामने आते हैं तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को यह भरोसा मिलना चाहिए कि परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित हो रही है।

दिल्ली में 6 जून को प्रदर्शन की योजना

उन्होंने घोषणा की है कि 6 जून को भारत लौटने के बाद दिल्ली में प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। योजना के अनुसार पहले प्रशासन से अनुमति ली जाएगी और उसके बाद शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने अपने समर्थकों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने की अपील की है।

परिवार की चिंता के बावजूद आंदोलन पर अड़े

अभिजीत दिपके ने यह भी स्वीकार किया कि उनके परिवार को उनके इस कदम को लेकर चिंता है और कानूनी पहलुओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि वह संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देगा।

 

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